“कोटक महिंद्रा बैंक ने FY2026 के तीसरे क्वार्टर में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 4.3% बढ़ाकर ₹3,446 करोड़ दर्ज किया, जबकि नेट इंटरेस्ट इनकम 5.1% ऊपर ₹7,564 करोड़ पर पहुंची। एसेट क्वालिटी में सुधार के साथ ग्रॉस NPA 1.30% और नेट NPA 0.31% रहा, वहीं नेट एडवांसेज 16% बढ़कर ₹4.80 लाख करोड़ हो गए। डिपॉजिट्स में 15% की ग्रोथ दर्ज हुई, जो बैंक की मजबूत रिटेल फोकस को दर्शाती है।”
कोटक महिंद्रा बैंक ने FY2026 के Q3 में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 4.3% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो पिछले साल के ₹3,305 करोड़ से बढ़कर ₹3,446 करोड़ पर पहुंच गया। यह प्रदर्शन बैंक की मजबूत ऑपरेटिंग इनकम और कंट्रोल्ड कॉस्ट्स पर आधारित रहा, जहां टोटल इनकम ₹16,741 करोड़ तक पहुंची। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 5.1% की ग्रोथ देखी गई, जो ₹7,564 करोड़ रही, मुख्य रूप से हाई-यील्ड रिटेल लोन्स और बेहतर फंडिंग मिक्स से प्रेरित।
बैंक की बैलेंस शीट पर नजर डालें तो टोटल एसेट्स ₹730,485.60 करोड़ पर पहुंच गए, जबकि लायबिलिटीज ₹599,423.47 करोड़ दर्ज हुईं। रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) 1.89% और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 10.68% (एनुअलाइज्ड) रहा, जो इंडस्ट्री एवरेज से ऊपर है और बैंक की एफिशिएंसी को हाइलाइट करता है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 4.60% पर स्थिर रहा, जो महंगाई और रेगुलेटरी प्रेशर्स के बावजूद मजबूत मैनेजमेंट को दिखाता है।
एसेट क्वालिटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ, जहां ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 1.30% और नेट NPA 0.31% पर आ गए। यह पिछले क्वार्टर से बेहतर है, मुख्य रूप से स्ट्रेस्ड लोन्स की रिकवरी और रिस्क मैनेजमेंट स्ट्रैटेजीज से। बैंक ने प्रोविजनिंग को कंट्रोल में रखा, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी पर पॉजिटिव इम्पैक्ट पड़ा। रिटेल सेगमेंट में स्ट्रांग ग्रोथ देखी गई, जहां पर्सनल लोन्स और क्रेडिट कार्ड्स ने प्रमुख योगदान दिया।
नेट एडवांसेज में 16% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो ₹4.80 लाख करोड़ पर पहुंच गए। क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर आधार पर यह 3.8% ऊपर रहा, मुख्य रूप से रिटेल और SME सेगमेंट्स से ड्रिवन। एवरेज नेट एडवांसेज Q3 में ₹4,62,688 करोड़ से बढ़कर हाई लेवल पर पहुंचे। डिपॉजिट्स साइड पर टोटल डिपॉजिट्स 15% बढ़कर ₹5.43 लाख करोड़ हो गए, जबकि एवरेज टोटल डिपॉजिट्स ₹5,26,025 करोड़ रहे, जो 14.7% YoY ग्रोथ दिखाते हैं। CASA रेशियो लगभग 39% पर मजबूत रहा, जो लो-कॉस्ट फंडिंग को सुनिश्चित करता है और मार्जिन्स को सपोर्ट करता है।
| प्रमुख फाइनेंशियल मेट्रिक्स | Q3 FY2026 | Q3 FY2025 | YoY ग्रोथ (%) |
|---|---|---|---|
| नेट प्रॉफिट (₹ करोड़) | 3,446 | 3,305 | 4.3 |
| नेट इंटरेस्ट इनकम (₹ करोड़) | 7,564 | 7,200 | 5.1 |
| टोटल इनकम (₹ करोड़) | 16,741 | 15,900 | 5.3 |
| नेट एडवांसेज (₹ लाख करोड़) | 4.80 | 4.14 | 16 |
| टोटल डिपॉजिट्स (₹ लाख करोड़) | 5.43 | 4.73 | 15 |
| ग्रॉस NPA (%) | 1.30 | 1.50 | सुधार |
| नेट NPA (%) | 0.31 | 0.40 | सुधार |
| NIM (%) | 4.60 | 4.50 | 0.10 पॉइंट्स |
| ROA (%) | 1.89 | 1.80 | 0.09 पॉइंट्स |
| ROE (%) | 10.68 | 10.20 | 0.48 पॉइंट्स |
बैंक की ग्रोथ स्ट्रैटेजी में डिजिटल इनिशिएटिव्स का बड़ा रोल रहा, जहां मोबाइल बैंकिंग और UPI ट्रांजैक्शंस में वॉल्यूम बढ़ा। रिटेल लोन्स में 20% से ज्यादा ग्रोथ देखी गई, जबकि कॉर्पोरेट सेगमेंट में सिलेक्टिव लेंडिंग से रिस्क कम हुआ। मैनेजमेंट ने कमेंट्स में कहा कि इकोनॉमिक रिकवरी और कंज्यूमर स्पेंडिंग से आगे ग्रोथ जारी रहेगी, लेकिन इंटरेस्ट रेट साइकल को मॉनिटर किया जाएगा।
कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 20% से ऊपर रहा, जो RBI गाइडलाइंस से काफी मजबूत है और फ्यूचर एक्सपैंशन के लिए स्पेस देता है। ऑपरेटिंग एक्सपेंसेज में कंट्रोल रखा गया, जहां कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 45% के आसपास रहा, जो इंडस्ट्री में बेस्ट प्रैक्टिसेज को रिफ्लेक्ट करता है। सब्सिडियरीज में कोटक सिक्योरिटीज और कोटक लाइफ इंश्योरेंस ने भी पॉजिटिव कंट्रीब्यूशन दिया, जहां इनवेस्टमेंट बैंकिंग और इंश्योरेंस प्रीमियम्स में ग्रोथ दर्ज हुई।
मार्केट रिएक्शन में शेयर प्राइस में मामूली बढ़ोतरी देखी गई, जो निवेशकों की कॉन्फिडेंस को दिखाती है। एनालिस्ट्स का मानना है कि बैंक की डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो और स्ट्रॉन्ग रिस्क मैनेजमेंट से FY2026 के बाकी क्वार्टर्स में भी पॉजिटिव ट्रेंड जारी रहेगा। रिटेल फोकस से CASA ग्रोथ को बूस्ट मिलेगा, जबकि एसेट क्वालिटी इम्प्रूवमेंट से प्रॉफिट मार्जिन्स सुरक्षित रहेंगे।
एसेट क्वालिटी ब्रेकडाउन:
रिटेल एसेट्स: GNPA 1.10%, मुख्य रूप से होम लोन्स और पर्सनल लोन्स में।
कॉर्पोरेट एसेट्स: GNPA 1.50%, लेकिन रिकवरी रेट 80% से ऊपर।
SME सेगमेंट: सुधार के साथ NNPA 0.25%।
ओवरऑल प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) 75%, जो रिस्क बफर को मजबूत बनाता है।
ग्रोथ ड्राइवर्स:
रिटेल लेंडिंग: 22% YoY ग्रोथ, क्रेडिट कार्ड्स और व्हीकल लोन्स से।
डिपॉजिट मॉबिलाइजेशन: डिजिटल चैनल्स से 18% बढ़ोतरी।
नॉन-इंटरेस्ट इनकम: फीस और कमिशन्स से 10% ऊपर, ट्रेजरी ऑपरेशंस से बूस्ट।
ब्रांच एक्सपैंशन: 100 नई ब्रांचेस ऐडेड, जो रूरल और सेमी-अर्बन एरियाज में पहुंच बढ़ाती हैं।
बैंक ने फंडरेजिंग प्लान्स पर भी डिस्कस किया, जहां NCDs के जरिए कैपिटल रेज करने की तैयारी है, जो ग्रोथ को सपोर्ट करेगा। ओवरऑल, यह रिजल्ट्स बैंक की रेजिलिएंस को हाइलाइट करते हैं, जहां इकोनॉमिक चैलेंजेस के बीच स्टेबल परफॉर्मेंस दर्ज हुई।
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