“अगर आपकी बाइक हफ्तों या महीनों तक इस्तेमाल नहीं हो रही है, तो बैटरी डिस्चार्ज, टायर फ्लैट स्पॉट, पुराना पेट्रोल खराब होने और जंग लगने जैसी समस्याएं मोटी मरम्मत का कारण बन सकती हैं। सही तैयारी से हजारों रुपये बचाए जा सकते हैं।”
बाइक लंबे समय खड़ी रहने पर क्या-क्या खराब होता है और कैसे बचाएं
भारत में लाखों बाइक मालिकों के पास ऐसी स्थिति आती है जब नौकरी, ट्रांसफर, यात्रा या मौसमी कारणों से बाइक हफ्तों से महीनों तक खड़ी रह जाती है। ऐसे में छोटी-छोटी लापरवाही से इंजन, बैटरी, टायर और फ्यूल सिस्टम पर भारी खर्च आ सकता है। यहां प्रमुख समस्याएं और उनके बचाव के उपाय दिए जा रहे हैं।
1. बैटरी सबसे पहले खराब होती है भारत की गर्मी और नमी में बैटरी तेजी से डिस्चार्ज हो जाती है। लंबे समय तक खड़ी बाइक में बैटरी 2-4 हफ्तों में ही पूरी तरह डिस्चार्ज हो सकती है, जिससे स्टार्टिंग में दिक्कत आती है और बैटरी की लाइफ घटकर 1-2 साल रह जाती है। नई बैटरी लगवाने में 1500 से 4000 रुपये तक खर्च हो सकता है।
बचाव:
बैटरी टर्मिनल्स को डिस्कनेक्ट कर लें और घर पर ट्रिकल चार्जर से चार्ज करते रहें।
अगर चार्जर नहीं है तो हर 15-20 दिन में बाइक स्टार्ट कर 10-15 मिनट आइडल चलाएं।
टर्मिनलों पर ग्रीस या WD-40 लगाएं ताकि जंग न लगे।
2. टायरों में फ्लैट स्पॉट और क्रैकिंग लंबे समय तक एक ही जगह पर वजन पड़ने से टायर में फ्लैट स्पॉट बन जाते हैं, जो चलते समय वाइब्रेशन और असंतुलन पैदा करते हैं। साइडवॉल्स क्रैक हो सकते हैं, जिससे अचानक टायर फटने का खतरा बढ़ता है। भारत में गर्मी के कारण यह समस्या और तेज हो जाती है।
बाइक को सेंटर स्टैंड पर रखें ताकि दोनों टायरों पर वजन कम पड़े।
अगर पॉसिबल हो तो फ्रंट और रियर पैडॉक स्टैंड इस्तेमाल करें।
हर हफ्ते टायर प्रेशर चेक करें और जरूरत पड़ने पर हवा भरें (सामान्यत: फ्रंट 28-32 PSI, रियर 32-36 PSI)।
बाइक को समय-समय पर थोड़ा आगे-पीछे खिसकाएं।
3. फ्यूल सिस्टम और इंजन में समस्या पेट्रोल लंबे समय तक टैंक में रहने पर ऑक्सीडाइज हो जाता है, गम बनाता है और कार्ब्यूरेटर या फ्यूल इंजेक्टर क्लॉग हो जाते हैं। FI बाइक्स में भी फ्यूल पंप प्रभावित होता है। खराब पेट्रोल से इंजन स्टार्ट नहीं होता या खराब परफॉर्मेंस देता है। मरम्मत में 2000-8000 रुपये तक लग सकते हैं।
लंबे स्टोरेज से पहले टैंक को फुल भर लें (कम जगह होने से कंडेंसेशन कम होता है)।
फ्यूल स्टेबलाइजर मिलाएं जो पेट्रोल को 6-12 महीने तक ताजा रखता है।
अगर संभव हो तो टैंक खाली कर दें और फ्रेश पेट्रोल भरकर स्टार्ट करें।
कार्ब्यूरेटर बाइक्स में फ्यूल कॉक बंद कर दें।
4. इंजन ऑयल और अन्य पार्ट्स पर असर पुराना इंजन ऑयल गाढ़ा हो जाता है और इंजन में जमा हो सकता है, जिससे स्टार्ट पर जाम या घिसाई बढ़ती है। चेन, स्प्रोकेट, ब्रेक फ्लूइड और ब्रेक पैड भी प्रभावित होते हैं। खुले में खड़ी बाइक पर जंग और चूहों से तार कटने का खतरा रहता है।
स्टोरेज से पहले इंजन ऑयल और ऑयल फिल्टर बदल लें।
चेन को अच्छी तरह साफ कर लुब्रिकेट करें।
WD-40 या रस्ट प्रोटेक्टेंट स्प्रे से क्रोम और मेटल पार्ट्स को कवर करें।
बाइक को अच्छे कवर से ढकें, खासकर अगर बाहर खड़ी है तो।
चूहों से बचाव के लिए बाइक के नीचे नीम की पत्तियां या एंटी-रॉडेंट स्प्रे रखें।
5. ब्रेक और अन्य सिस्टम ब्रेक फ्लूइड हाइग्रोस्कोपिक होता है और नमी सोखकर खराब हो सकता है, जिससे ब्रेक पेडल जाम या स्पंजी हो जाता है। क्लच और थ्रॉटल केबल भी जकड़ सकते हैं।
ब्रेक फ्लूइड लेवल चेक करें और अगर पुराना है तो बदलें।
बाइक स्टार्ट कर ब्रेक और क्लच को कई बार पंप करें।
इन सावधानियों से आपकी बाइक लंबे समय बाद भी बिना ज्यादा खर्च के स्टार्ट हो सकती है और उसकी लंबी उम्र बनी रह सकती है। अगर बाइक 3 महीने से ज्यादा खड़ी है तो स्टार्ट करने से पहले मैकेनिक से चेक करवाना बेहतर होता है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और वर्तमान ट्रेंड्स पर आधारित है। वाहन की स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ सलाह लें।






