“एफएसएसएआई ने हेरिटेज फूड्स लिमिटेड पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, क्योंकि हरियाणा के झज्जर प्लांट से लिए गए दही सैंपल में फैट की मात्रा तय मानकों से कम पाई गई। कंपनी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की पत्नी नारा भुवनेश्वरी की है, जो वाइस चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। यह कार्रवाई सब-स्टैंडर्ड उत्पाद के लिए की गई, लेकिन कंपनी के ऑपरेशंस पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।”
एफएसएसएआई ने हेरिटेज फूड्स लिमिटेड के खिलाफ सख्त कदम उठाया है, जहां हरियाणा के झज्जर स्थित प्लांट से लिए गए हेरिटेज टोटल दही के सैंपल को सब-स्टैंडर्ड पाया गया। जांच में दूध में फैट की मात्रा न्यूनतम तय सीमा से कम होने की वजह से कंपनी को 1 लाख रुपये की कंपाउंडिंग फीस भरनी पड़ेगी।
कंपनी की स्थापना 1992 में चंद्रबाबू नायडू ने की थी, और वर्तमान में उनकी पत्नी नारा भुवनेश्वरी वाइस चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में इसका संचालन करती हैं। उनके बेटे नारा लोकेश की भी कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी है। हेरिटेज फूड्स दूध, दही, घी और अन्य डेयरी उत्पादों का उत्पादन और वितरण करती है, जो बाजार में अमूल और मदर डेयरी जैसे ब्रांड्स से प्रतिस्पर्धा करती है।
एफएसएसएआई के नियमों के मुताबिक, दही में दूध फैट की न्यूनतम मात्रा 3.5% होनी चाहिए, लेकिन सैंपल में यह सीमा से नीचे थी। यह कार्रवाई हालिया डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता जांच अभियान का हिस्सा है, जहां देशभर में 25,000 से अधिक सैंपल लिए गए थे।
मुख्य तथ्य:
जुर्माने की राशि: 1,00,000 रुपये
कारण: दही में फैट कंटेंट कम होना
स्थान: झज्जर प्लांट, हरियाणा
कंपनी का कारोबार: दूध-दही उत्पाद, वार्षिक टर्नओवर लगभग 3,000 करोड़ रुपये
परिवारिक कनेक्शन: नारा भुवनेश्वरी (एमडी), नारा लोकेश (प्रमोटर)
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| कंपनी का नाम | हेरिटेज फूड्स लिमिटेड |
| मालिक | नारा भुवनेश्वरी (आंध्र CM की पत्नी) |
| जुर्माना कारण | सब-स्टैंडर्ड दही सैंपल |
| प्रभाव | फाइनेंस पर न्यूनतम असर, ऑपरेशंस जारी |
| बाजार स्थिति | दक्षिण भारत में प्रमुख डेयरी ब्रांड |
यह घटना डेयरी इंडस्ट्री में गुणवत्ता मानकों की सख्ती को दर्शाती है, जहां हाल ही में पैराग मिल्क फूड्स जैसी अन्य कंपनियों पर भी 6 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया था। हेरिटेज फूड्स ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि यह मामला सुलझा लिया जाएगा, और इससे उनके बिजनेस पर कोई दीर्घकालिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
संभावित प्रभाव और सुझाव:
उपभोक्ताओं को उत्पाद खरीदते समय FSSAI लोगो और एक्सपायरी डेट चेक करनी चाहिए।
कंपनियां अब प्लांट्स में क्वालिटी कंट्रोल को मजबूत करेंगी।
डेयरी सेक्टर में 2026 में और जांच अभियान चलाए जा सकते हैं।
Disclaimer: यह रिपोर्ट सामान्य सूचना के लिए है और किसी भी निवेश या कानूनी सलाह के रूप में नहीं ली जानी चाहिए।






