“संघ बजट 2026 में रिन्यूएबल एनर्जी और न्यूक्लियर सेक्टर पर फोकस से सुजलॉन एनर्जी और टाटा पावर जैसे शेयरों को मजबूत बूस्ट मिलने की उम्मीद है, जहां न्यूक्लियर सेक्टर के स्टॉक्स जैसे BHEL और L&T रॉकेट की तरह उछाल दिखा सकते हैं। बजट में ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर स्टोरेज और SMRs के लिए फंडिंग से सेक्टर की ग्रोथ तेज होगी, जबकि स्टॉक परफॉर्मेंस में जनवरी 2026 तक सुजलॉन का प्राइस 47.67 रुपये और टाटा पावर का 366.30 रुपये रहा है।”
संघ बजट 2026 में एनर्जी सेक्टर को बड़ा पुश मिलने की संभावना है, खासकर रिन्यूएबल और न्यूक्लियर एनर्जी पर। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी और 2047 तक 100 GW न्यूक्लियर पावर हासिल करना है। इससे सुजलॉन एनर्जी जैसे विंड एनर्जी प्लेयर्स को फायदा होगा, जहां कंपनी की जनवरी 2026 में स्टॉक वैल्यू 47.67 रुपये पर ट्रेड कर रही है, जबकि पिछले हफ्ते में 4.3% की ग्रोथ दिखी। टाटा पावर, जो सोलर और हाइड्रो प्रोजेक्ट्स में मजबूत है, का स्टॉक 366.30 रुपये पर है, और बजट में ग्रीन हाइड्रोजन इंसेंटिव्स से इसका EBITDA 40% तक बढ़ सकता है।
न्यूक्लियर सेक्टर में प्राइवेट पार्टिसिपेशन को बढ़ावा देने के लिए बजट में 20,000 करोड़ रुपये का PLI स्कीम आने की उम्मीद है, जो SMRs (Small Modular Reactors) के R&D को सपोर्ट करेगा। इससे BHEL जैसे स्टॉक्स, जो न्यूक्लियर कंपोनेंट्स बनाते हैं, में 15-20% उछाल आ सकता है। L&T, जो न्यूक्लियर प्लांट्स की इंजीनियरिंग में लीडर है, का स्टॉक पिछले बजट से 88% ऊपर है और आगे ग्रिड मॉडर्नाइजेशन से बूस्ट मिलेगा। GE Vernova T&D इंडिया का स्टॉक 3,227 रुपये पर है, जो ट्रांसमिशन इक्विपमेंट में मजबूत है और न्यूक्लियर एक्सपैंशन से फायदा उठाएगा।
रिन्यूएबल एनर्जी में बैटरी स्टोरेज और ग्रिड एफिशिएंसी के लिए फिस्कल इंसेंटिव्स की उम्मीद है, जहां IREDA जैसे फाइनेंशियल प्लेयर्स को कैपिटल अलोकेशन से सपोर्ट मिलेगा। NTPC, जो न्यूक्लियर और सोलर दोनों में इन्वॉल्व्ड है, का स्टॉक 355.80 रुपये पर है और बजट में 100 GW न्यूक्लियर टारगेट से इसकी कैपेसिटी एडिशन 34.56 GW तक पहुंच गई है। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन को ट्रांसमिशन लाइंस के लिए फंडिंग से बूस्ट मिलेगा, जहां कंपनी की Q3 FY26 रेवेन्यू 15% ऊपर है।
की पॉइंट्स: बजट से एनर्जी सेक्टर की उम्मीदें
ग्रीन हाइड्रोजन और सोलर स्टोरेज के लिए टैक्स इंसेंटिव्स, जो सुजलॉन की विंड टर्बाइन्स को 44.5 GW एडिशन से जोड़ेंगे।
न्यूक्लियर सेक्टर में क्रिटिकल मिनरल्स माइनिंग के लिए 100% टैक्स डिडक्शन, BHEL और L&T को फॉरेन टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से फायदा।
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS) के लिए 100% इन्वेस्टमेंट-लिंक्ड डिडक्शन, टाटा पावर की रिन्यूएबल पोर्टफोलियो को 10 GW तक बढ़ाएगा।
डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए PLI एक्सटेंशन, जो REC और PFC जैसे फाइनेंशर्स को लोन डिस्बर्समेंट बढ़ाने में मदद करेगा।
प्राइवेट सेक्टर को न्यूक्लियर में एंट्री, जहां NPCIL के साथ पार्टनरशिप से नए प्रोजेक्ट्स 700 MW कैपेसिटी के 10 रिएक्टर्स तक पहुंचेंगे।
| स्टॉक | करेंट प्राइस (जनवरी 2026) | 1-मंथ परफॉर्मेंस | बजट से संभावित बूस्ट | सेक्टर फोकस |
|---|---|---|---|---|
| Suzlon Energy | 47.67 रुपये | -8.4% | विंड एनर्जी एक्सपैंशन से 20% उछाल | रिन्यूएबल |
| Tata Power | 366.30 रुपये | -0.75% | ग्रीन हाइड्रोजन इंसेंटिव्स से 15% ग्रोथ | सोलर/हाइड्रो |
| BHEL | 268.95 रुपये | 4.2% | न्यूक्लियर PLI से 25% रिटर्न | न्यूक्लियर |
| L&T | 3,828 रुपये | 75% (पिछले बजट से) | SMRs R&D से 18% उछाल | इंजीनियरिंग |
| NTPC | 355.80 रुपये | -0.64% | 100 GW टारगेट से 12% EPS ग्रोथ | पावर जेनरेशन |
| Power Grid | 268.95 रुपये | 5.97% YoY | ग्रिड मॉडर्नाइजेशन से 10% रेवेन्यू बढ़ोतरी | ट्रांसमिशन |
न्यूक्लियर सेक्टर में क्रिटिकल मिनरल्स जैसे लिथियम और कोबाल्ट की माइनिंग को सपोर्ट करने के लिए बजट में स्पेशल फंडिंग की उम्मीद है, जो भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत बनाएगा। सुजलॉन की Q2 FY26 अर्निंग्स में 75% रेवेन्यू ग्रोथ दिखी, जबकि टाटा पावर की EV और रिन्यूएबल इनिशिएटिव्स से FY27 EPS 16.93 रुपये तक पहुंच सकता है। BHEL की न्यूक्लियर कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी 20,000 करोड़ के PLI से डबल हो सकती है, जहां कंपनी के स्टॉक P/E 28.89 पर ट्रेड कर रहा है।
न्यूक्लियर स्टॉक्स की ग्रोथ पोटेंशियल
BHEL: न्यूक्लियर मिशन से पायलट प्रोजेक्ट्स में इन्वॉल्वमेंट, जहां FY26 रेवेन्यू 702.7 बिलियन तक।
L&T: प्राइवेट पार्टिसिपेशन से 5 इंडिजिनस SMRs बाय 2033, स्टॉक टारगेट 4,149 रुपये।
GE Vernova T&D: ट्रांसमिशन इक्विपमेंट से न्यूक्लियर ग्रिड इंटीग्रेशन, 88% ग्रोथ पिछले बजट से।
WALCHANDNAGAR INDUSTRIES: न्यूक्लियर कंपोनेंट्स में स्पेशलाइज्ड, बजट फंडिंग से 20% मार्जिन इंप्रूवमेंट।
अन्य: REC और PFC को लो-कॉस्ट फाइनेंसिंग से बूस्ट, जहां IREDA की रिन्यूएबल लेंडिंग 776.59 बिलियन तक।
रिन्यूएबल सेक्टर में डिस्कॉम डेब्ट रिडक्शन और ट्रांसमिशन लाइंस के लिए 20,000 करोड़ अलोकेशन से सुजलॉन और टाटा पावर की प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन स्पीड बढ़ेगी। जनवरी 2026 में सुजलॉन का वॉल्यूम 60.76 मिलियन शेयर्स रहा, जबकि टाटा पावर का मार्केट कैप 6,503 करोड़। न्यूक्लियर एक्सपैंशन से ये स्टॉक्स रॉकेट बन सकते हैं, जहां सरकार का फोकस क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन पर है।
| बजट इंपैक्ट | संभावित अलोकेशन | प्रभावित स्टॉक्स | अपेक्षित रिटर्न |
|---|---|---|---|
| ग्रीन हाइड्रोजन | 20,000 करोड़ | Tata Power, NTPC | 15-20% |
| SMRs R&D | 20,000 करोड़ | BHEL, L&T | 25-30% |
| बैटरी स्टोरेज | 100% टैक्स डिडक्शन | Suzlon, IREDA | 10-15% |
| क्रिटिकल मिनरल्स | 10-वर्ष टैक्स ब्रेक | REC, PFC | 12-18% |
| ग्रिड एक्सपैंशन | 18,000-20,000 करोड़ | Power Grid, GE Vernova | 8-12% |
बजट में GST रेशनलाइजेशन और ग्रुप टैक्स कंसोलिडेशन से एनर्जी कंपनियों की कॉस्ट रिडक्शन होगी, जो सुजलॉन की P/B वैल्यू 8.25 से बेहतर बनाएगी। टाटा पावर की FY28 EPS 14.01 रुपये तक, जबकि न्यूक्लियर सेक्टर में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट से BHEL और L&T की मार्केट शेयर बढ़ेगी।
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