अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया, जिसके बाद गिफ्ट निफ्टी में 400 अंकों तक की तेजी आई और यह 25,900 के स्तर तक पहुंचा। शुक्रवार को गिफ्ट निफ्टी 320 अंकों (1.25%) की बढ़त के साथ 25,886 पर बंद हुआ, जो सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत गैप-अप ओपनिंग का संकेत दे रहा है। हालांकि ट्रंप ने नया 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया है, जिससे निर्यात क्षेत्रों में सतर्कता बनी हुई है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार सेंटिमेंट पॉजिटिव है।
शेयर बाजार आउटलुक: ट्रंप टैरिफ के खिलाफ फैसले के बाद गिफ्ट निफ्टी में भारी उछाल, सोमवार को भागेगा बाजार?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए व्यापक रेसिप्रोकल टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया। इस फैसले ने वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता कम की और अमेरिकी तथा एशियाई बाजारों में तेजी लाई। भारत के लिए यह राहत की खबर है क्योंकि इससे निर्यातकों पर 18% या उससे अधिक टैरिफ का बोझ हट सकता है।
गिफ्ट निफ्टी में शुक्रवार रात इंट्राडे लो से लगभग 400 अंकों की उछाल देखी गई, जो इंट्राडे हाई 25,900 तक पहुंचा। अंत में यह 320 अंकों की बढ़त के साथ 25,886 पर बंद हुआ। यह पिछले सत्र में निफ्टी 50 के 25,571 के क्लोज से करीब 300-400 अंकों ऊपर है, जिससे सोमवार 23 फरवरी को सेंसेक्स और निफ्टी में 500-800 अंकों की गैप-अप ओपनिंग की संभावना मजबूत हो गई है।
ट्रंप प्रशासन ने कोर्ट के फैसले के कुछ घंटों बाद ही ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 के तहत नया 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया, जो 24 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा और 150 दिनों तक लागू रहेगा। इससे भारत सहित सभी देशों पर 10% ड्यूटी लगेगी, लेकिन पहले के 18% या 25% रेसिप्रोकल टैरिफ से कम है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत के लगभग 55% निर्यात अब स्टैंडर्ड MFN टैरिफ पर ही रहेंगे, जिससे टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, मरीन प्रोडक्ट्स, फार्मा और ऑटो सेक्टर को फायदा होगा।
प्रभावित सेक्टर और संभावित मूवमेंट
एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर : टेक्सटाइल, गारमेंट्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, मरीन प्रोडक्ट्स और फार्मा में तेजी की उम्मीद। ये सेक्टर अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं और पहले उच्च टैरिफ से प्रभावित थे।
फार्मा : पैटेंटेड और ब्रांडेड ड्रग्स पर पहले 100% टैरिफ की आशंका थी, अब राहत मिलने से कंपनियां मजबूत रहेंगी।
मेटल्स और ऑटो : ग्लोबल टैरिफ से प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन कुल सेंटिमेंट पॉजिटिव होने से सीमित गिरावट।
आईटी और कंज्यूमर : कम टैरिफ से ग्लोबल डिमांड बढ़ने की संभावना, जो अप्रत्यक्ष फायदा देगा।
एक्सपर्ट्स की राय
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के डायरेक्टर-इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रांति बाथिनी ने इसे भारतीय बाजार के लिए बड़ा सेंटिमेंट बूस्टर बताया। लिवलॉन्ग वेल्थ के फाउंडर हरिप्रसाद के अनुसार ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट में सुधार हुआ है और गिफ्ट निफ्टी की तेजी से गैप-अप ओपनिंग तय है, बशर्ते कोई नया नेगेटिव ट्रिगर न आए।
हालांकि 10% ग्लोबल टैरिफ से कुछ अनिश्चितता बनी हुई है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील की नेगोशिएशन जारी है और भारतीय डेलिगेशन जल्द अमेरिका जा रहा है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशक एक्सपोर्ट-फेसिंग स्टॉक्स पर फोकस करें लेकिन वोलेटिलिटी के लिए तैयार रहें।






